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तेली जाति का आरक्षण मे घटता दायरा

26 August 2022 Rajasthan Teli Sahu Samaj 67 views

सत्यनारायण राठौर, माटून्दा, बून्दी (राजस्थान) मो.नं. 9057061232, 9784040862

    तेली जाति को ओबीसी में सम्मिलित किया गया है जिसमें भी क्रिमिलेयर लागू है। यह एक अत्यन्त पिछड़ी जाति है जिससे जिसमे 95 प्रतिशत से अधिक लोग फल, सब्जी, आईसक्रीम व हेलमेट बेचने का कार्य करते हैं  । केवल एक प्रधानमंत्री मोदी जी के होने से ही बात नहीं बनती क्योंकि समाज 14 करोड़ है स्वयं मोदी जी का परिवार गरीबी मे ही जीवन यापन कर रहा है ।

Decreasing scope of Teli caste in reservation     संसदीय आरक्षण समीक्षा समिति के एक मात्र दलित सदस्य श्रीराम नाइक द्वारा तेली जाति की ही भांति अन्य कारीगरान जातियां सेन, सैनी. सोनी, साहू (तेली) जांगिड, कुर्मी, पटवा, कनोई, कुम्हार आदि का पथ रखते हुए ओबीसी आरक्षण मे उक्त जातियों को अन्य पिछडा वर्ग से पृथक अति पिछडा वर्ग में सम्मिलित करने की मांग की तथा अति पिछडा वर्ग का अन्य पिछडा वर्ग की मूल 4 जातियांजाट, यादव, पटेल एवं मराठा को हटाकर अलग से आरक्षण रोस्टर लागू करने की मांग उठाई। परन्त समिति द्वारा श्रीराम नाइक की मांग नही मानी तथा श्री नाइक ने समिति के चार्टर व पास किए प्रस्तावों पर हस्ताक्षर न करके अपना विरोध दर्ज करा दिया।

    ताजा घटनाक्रम व समाचार (भास्कर मुख पृष्ठ दिनांक 01.04.2022) के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तमिलनाडु मे वानियार (तेली) समुदाय को जारी साढे दस प्रतिशत आरक्षण इस आधार पर समाप्त कर दिया कि केवल जाति के आधार पर आरक्षण नहीं मिल सकता जबकि वनियार वहां पर अति पिछडा वर्ग मे है एससी व एसटी को भी केवल जाति के आधार पर ही देश व्यापी आरक्षण है.सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।

    फिर भी तेली जाति जो कि विभिन्न उपनामों साहू, राठोर, घांची, मोदी, कुण्डु, वन्नियार आदि नामों से जानी जाति है तथा देश के विभिन्न प्रान्तों व क्षेत्रों मे जसका बोली भाषा, इष्ट देव के आधर पर स्वरूप पृथक-पृथक है साथ ही जो भिन्न संगठनों व घडों में भी विभक्त है। परन्तु आर्थिक स्तर अत्यन्त कमजोर है ।

    ऐसी परिस्थिति में आज तेली समाज को ऐसे ही क्रान्तिकारी व्यक्तियों की आवश्यकता है जो सभी क्षेत्रों के घडों व संगठनों में परस्पर समन्वय स्थापित कर अपने अपने प्रान्तों की सरकारों व केन्द्रीय सरकार से अपने समाज के प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, राज्यमंत्रीयों व सांसदों से सम्पर्क कर एक टास्क की तरह कार्य करते हुए आरक्षण की मांग को रख सकें।
    राजस्थान मे राजनैतिक स्तर पर मात्र एक श्री रमेश बौराणा जोधपुर के राज. सरकार की ओर से राज्य स्तरीय मेला कमेटी के चेयरमेन है।

    अनिवार्य कार्य - यथा सम्भव सरलतम तरीके से सर्वे व डाटा संकलन से आधार कार्ड की तरह अखिल भारतीय तेली कार्ड बनाया जाना चाहिए ताकि समाज की गणना हो सके जिससे आरक्षण व अन्य समाज हित के मुद्दे पर सरकार के समक्ष रखे जा सकें।

    सभी समाज बन्धुओं व संगठनों के पदाधिकारियों से निवेदन है कि इस पत्र की भावना को समझते हुये परस्पर विचार विमर्श करे एवं इस पत्र की प्रति सभी को उपलब्ध करवाएं। एवं समाज हित मे ठोस कार्यवाही करें।

समाज हितार्थ सकारात्मक अपेक्षा मे ........ |

 सत्यनारायण राठौर, माटून्दा, बून्दी (राजस्थान) मो. नं. 9057061232, 9784040862

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