Sant Santaji Maharaj Jagnade
साहू समाज खिलारी की ओर से भक्त कर्मा एवं भगवान कृष्ण (जगन्नाथ) जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह खिलारी , वि.खं. बागबाहरा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ मैं दिनांक 10 मार्च 2019 दिन रविवार को आयोजित किया गया है । कार्यक्रम का स्वरूप कुछ इस प्रकार रहेगा दिनांक 18 2019 को शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से वरुण पूजा जल कलश यात्रा संपन्न होगी ।
जगन्नाथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा हवन पूजन और कलश यात्रा के साथ हुआ संपन्न
दैवीय तीर्थ स्थल खल्लारी में साहू समाज द्वारा नवनिर्मित भक्त माता कर्मा मंदिर में भक्त शिरोमणि माता कर्मा एवं भगवान श्री कृष्ण (जगन्नाथ) की मूर्ति का प्राण-प्रतिष्ठा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया । इस दौरान साहू समाज की आराध्य कुल देवी माता कर्मा की नवनिर्मित भव्य मंदिर में मंत्रोच्चार हवन पूजन के साथ कलश स्थापना व प्राण-प्रतिष्ठा के धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में जिले भर से समाजिक पदाधिकारियों एवं परिक्षेत्र के सामाजिक जनों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ ।
साहू समाज जय माॅ खल्लारी परिक्षेत्र खल्लारी द्वारा, समाज हित में उत्कृष्ट कार्य कर चुके जीवन पर्यंत समाज की सेवा करने वाले पूर्व सामाजिक पदाधिकारियों में ग्राम चरौदा (बांध) से श्री झाडू राम साहू और श्री खोरबाहरा राम साहू, ग्राम ढोड़ (तमोरा) से श्री बलीराम साहू, ग्राम बी.के. बाहरा से श्री कलाराम साहू, परसदा से श्री नाथुराम साहू को साहू समाज
मां कर्मा जयंती समारोह 2019 साहू मां कर्मा मंदिर समिति, द्वारा आयोजित किया जा रहा है । मां कर्मा जयंती समारोह बागसेवनिया अमराई परिसर, भोपाल, राष्ट्रीय तेली साहू महा संगठन भोपाल दिनांक 31 मार्च 2019 दिन रविवार को आयोजित होगा । इस समारोह में वाहन रावली एवो चल समारोह भी आयोजित होगा । कलश यात्रा सुबह 9:00 बजे से बागसेवनिया दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर साहू मां कर्मा मंदिर पहुंचेगी ।
दृढ़ संकल्प एवं इच्छा शक्ति के द्वारा दुष्कर कार्य भी सफलता पूर्वक सम्पन्न हो सकते है। परिस्थितियाँ विपरीत होने पर भी कार्य के प्रति निष्ठा । लगन एवं सत्य का मार्ग अपनाकर श्रेष्ठतम कार्य सहजतापूर्वक किया जा सकता है । निसंदेह हर समय, युग काल में चमत्कार को ही नमस्कार किया जाता है किन्तु सच्चे एवं ईश्वर के साथ आध्यात्मिक लगाव जिस मनुष्य में हो जाता है उसके जीवन में चमत्कार होते ही रहते हैं । इसे 'चाहे आप संयोग माने अथवा दैवयोग ।