Sant Santaji Maharaj Jagnade
सीतापुर शहर के घूरामउ बांगला स्थित एक गेस्ट हाउस में भारतीय बहुभाषाओं के मर्मज्ञ साहित्य व समाजसेवी स्वर्गीय डॉक्टर सुंदरलाल राठौड़ की स्मृति में सीतापुर साहू समाज तथा तैलिक महासभा के तत्वाधान में रविवार को मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया । अतिथियों ने मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।
देश भर के सभी तेली समाज की सभी उपजातीयोको एकजुट करने का एक छोटासा प्रयास मात्र है
जीवन के हर पड़ाव में अपने आप को साबित करने अवसर मिले यह सभी के साथ नही हो पाता है। श्री विष्णु साहू अपने आप को आज उस मुकाम में खड़ा किया है जहाँ पर हर कोई अपने आप को देखना चाहता है। बचपन के दिन:बचपन हमेशा ही अभावों में बीता। स्कूली पढ़ाई के साथ जीवन जीने के लिए संघर्ष की राह में चलना पड़ा। उस समय कोई मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था।
शिक्षा पं. रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर से बी.काम., एम.ए. तक ग्रहण के पश्चात समाज के लिए कुछ करने की चाहत से पूरी लगन व मेहनत के साथ काम पर जुटे हुए है। बचपन का समय सामान्य परिवेश में व्यतीत हुआ। परिवार खेती-किसानी का कार्य करते हैं। पढ़ाई समय को भरपूर उत्साह के साथ अपने जीवन में उपयोग किया। पढ़ाई की लगन ऐसी की अभी भी पढ़ाई से नाता जोड़े हुए हैं।
अपने जीवन में सादगी पसंद छत्तीसगढ़ की राजनीति में खासी दखल रखने वाले पूर्व कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू मिलनसार जनसेवक व्यक्तित्व के धनी हैं। जीवन के विभिन्न पड़ावों में अपने उत्साह व शैली को बरकरार रखकर निरंतर जनसेवा का कार्य कर रहे हैं। सीधा-सरल स्वभाव और लोंगो से मिलनसारिता का गुण राजनीति के क्षेत्र में खास मायने रखता हैं।