Sant Santaji Maharaj Jagnade
9 वी सदी मे दक्षिण कोशल में तैलप एवं चालुक्य एवं कल्चुरी वंश ऐसा माना जाता है कि परमार वंशीय राजा मुंज के साथ तैलपो का अनेक बार युद्ध हुआ । जिसमें 6 वी बार राजा मंजु तैतलों से पराजित हुआ । तैलयो की संभवतया कलचुरियों का साथ दिया था । जिनका उल्लेख किया जाता है । कि वे कोकल्य द्वितीय के पुत्र गांगेयदेव तेलांगान हुए जिसे ही आक्रोश अथवा विरोधवशं गंगूतेली कहा गया है ।
बिलासपुर - वर्तमान समय में जीवनसाथी का चुनाव बहुत ही कठिन कार्य है । योग्य युवक - युवती का चयन करने के लिए परिचय सम्मेलन बहुत अच्छा माध्यम है । इससे समाज के अंदर ही योग्य वर - वधु का चयन किया जा सकता है । साथ ही साथ समय भी बचता है । साहू समाज ने युक - युवतियो के लिए परिचय समम्मेलन करते हुए बेहतर कार्य किया है । ऐसे आयोजन हमेशा होते रहना चाहिए ।
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नीमच, मध्यप्रदेश :- दिनों सकल तेली समाज जिला नीम द्वारा माँ कर्मा बाई जयंती महोत्सव मनाया गया । बारादरी पर सभी एकत्रित हुए । दोघोडे कलश व आरती की बोली लगाई गई । भव्य ऐतिहासिक जुलूस की शुरूआत बारादरी से बैंड बाजे, ढोल, नाच गाने के साथ हुई । बारादरी से नया बाजार, घंटाघर, पुस्तक बाजार, विजय टॉकिज होते हुए अंत में टाउनहाल पर माँ कर्माबाई की विशाल आरती के साथ जुलूस का समापन हुआ ।
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साव तेली समाज मे आने वाले कुछ कुलनाम, कुळनाम, सरनेम ( आडनाव ) की जानकारी.
सावतेली समाजामध्ये आढळनारी काही आडनावे, सरनेम, कुळनाम ची माहिती.
१) सातपुते २) किरमे ३) घोगडे ४) बारसागढे ५) भुरसे ६) बोदलकर ७) चापळे ८) भांडेकर ९) कुकडकर १०) कुनघाडकर ११) सोनटके १२) देवरमले १३) दुधबडे १४) दुधबावरे १५) सोमनकर १६) लटारे १७) जुआरे १८) चलाख १९) बुरांडे २०) वासेकर २१) टिकले २२) वैरागडे २३) चिलांगे २४) खोबे २५) कोहळे
बुलढाणा - स्थानिय सहकार विद्या मंदिरातील सांस्कृतिक भवनात आज 18 जानेवारी 2015 रोजी आयोजित जिल्हास्तयि तेली समाज संमेलन आणि उपवर वधू-वर व पालक परिचय मेळाव्याला उत्साही प्रतिसाद मिळाला. यावेळी उपस्थित मान्यवरांनी भरभकक्म ऐक्यातून सामाजिक - शैक्षणिक क्रांती घडविण्याचे आवाहन उपस्थित हजारो समाजबांधवांना केले.