साहू समाज ने किया था पहला आदर्श विवाह
विवाह समारोह के नाम पर फिजूलखर्ची रोकने और समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए साहू समाज द्वारा वर्षों पहले आदर्श विवाह की शुरुआत की गई थी । जिसे अन्य जाति समाजों में भी स्वीकार किया और अब इस तर्ज पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन शासन स्तर पर किया जा रहा है । समाज प्रमुख बताते हैं कि सबसे पहले 15 मई 1975 मैं बागबाहरा ब्लॉक की मुनगासेर गांव में साहू समाज के प्रमुख होने पहनकर 27 जोड़ों को एक साथ परिणय सूत्र में बांधकर आदर्श वह सामूहिक विवाह कराया था । यह इतना प्रचलित हुआ था कि तक दूरदर्शन और BBC लंदन की टीम इसका कवरेज करने पहुंची थी । बाद में इसका अनुसार होने लगा ।
