वधु - वर फॉर्म

राजनीति में अहम योगदान के बावजूद तैलिक समाज उपेक्षित

26 April 2018 Teli samaj 45 views

              राज्य में सात प्रतिशत आबादी वाले तैलिक समाज आजबिहारके राजनीति में हास्ये पर है। आज सूबे में 60 विधान सभा क्षेत्र ऐसे है जिसमे तैलिक समाज का वोट निर्णायक होने के बाबजूद इस समाज से सूबे की राजनीति में कोई प्रतिनिधि नहीं है । जिससे यह समाज राजनीति के पिछले पायदान पर खड़ा है । यह बातें राष्ट्रभक्त दानवीर भामाशह के जयंती समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महासचिव साहू भूपाल भारती ने कही। वे हरलाखी प्रखंड के उमगांव मोहनपुर स्थित भामा साह जयति समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को संबोधित करते हुये सवैला नगर पालिका नेपाल के मेयर विजय शंकरसाहु ने कहा जब जब देश में संकट की घरी आई है तब तब तैलिक समाज के लोगों ने अपना अहम योगदान देकर देश को संकट से उबारने का काम किया है।

            मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप मुगलों के साथलड़ाई में जब अपना सब कुछ न्योछाबरकरयुद्ध में पराजय होकर जंगलों में घास की रोटी खाने को विवश हो गये थे। तब दानवीर भामाशाह ने महाराणा प्रताप को अपनी पूरी सम्पति दान दिया। जिससे महाराणा प्रताप करीब दस वर्ष तक मुगलों से लड़ाई लड़कर जंग जीते थे। समारोह की शुरुआत से  पहले उपस्थित लोगों ने भामाशाह के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षताकौशल किशोर साह व संचालन अशोक कुमार साह ने की। मिश्री लाल मधुकर ने समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। मौके परनेपाल तैलिक समाज के केंद्रीय सचिव सत्यनारायण साह, नेपाल वैश्य युवा संघ के युवाध्यक्ष दिलीप साह, रामप्रीत साह, रामकिशोर साह, ईश्वर चंद्र साह, वैद्यनाथ साह, रामचंद्र साह, विनोद साह, रामशोभित साह, हरी मोदी, रामचंद्र साह, प्रमोद साह सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

शेयर करा:

📺 संबंधित व्हिडिओ:

▶️
Click to load video
YouTube Thumbnail

राजिम भक्तिन माता की जीवन कथा | Rajim bhaktin Mata History