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सादगी एवं मिलनसारिता ही जीवन शैली, डॉ. रामकुमार साहू

23 June 2019 Sahu Teli Samaj 13 views

         अभिमान से बचो, स्वाभिमान को मत त्यागो- अपने मेहनतकश पिता को इस सोख पर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। राजनीति हो या जीवन पथ, सादगी व संयमित जीवन शैली, कठिन से कठिन इगर पर चला जा सकता है। सफलता पाई जा सकती है। ऐसे ही शख्सियत है डॉ. रामकुमार साहू। पिता श्री रामविशाल साहू से जनसेवा के लिए राजनीति करो, धनोपार्जन के लिए नहीं की सीख हमेशा मिलती रही। सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में पहचान बनाई। शांत, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी श्री साहू का जीवन भी बहुत ही सादगी से युक्त है। फिर चाहे रहन सहन हो या व्यवहार, सबमें एकदम साफझलकता है। उनके जानने पहचानने वाले उनको व्यवहार कुशलता को हमेशा तारीफ करते हैं।

        छोटे से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्री साहू का जीवन गाँव की पगडंडियों से होते हुए सफलता के शिखर पर अग्रसर हैं। पिताजी श्री रामबिशाल साहू खेती किसानी के साथ बढ़ई मिस्त्री का काम करके सम्मान की जिन्दगी गुजार रहे है। पिताजी की ईमानदारी से काम के प्रति लगन मेहनत को अपने जीवन का प्रेरणा मानते हैं।

        प्राथमिक शिक्षा गांव में पूरी की। साहू जी बताते हैं कि, पढ़ाई के दौरान स्कूल भवन नही हुआ करते थे तो उस समय चौरा में ही स्कूल की क्लास लगाकर पढ़ाई कराई जाती थी। गाँव में आपसी सहयोग से एक कमरे का भवन बनाया गया जिसमें प्राथमिक स्कूल के पाँचौं क्लास लगती थी। पढ़ाई जीवन में शिक्षकों के प्रिय स्टूडेंट के रूप में मशहूर थे। भाषण प्रतियोगिता में आपकी भागीदारी हमेशा रही हैं। शिक्षक श्री मंशाराम वर्मा जी की प्रेरणा से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ ही मंच संचालन का दायित्व अपने हाथों में रखते थे। मंच संचालन का काम बहुत ही कम उम्र में मिल गया था। गाँव की पगडंडी से होते हुए खेत खार को पैदल पार कर गाँव से 6 किमी दूरी पर बेलटुकरी जाकर 6वीं से 8वीं तक की पढ़ाई की। 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई सायकल से सफर कर राजिम में हुई। बी.एस.सी गणित की पढ़ाई करने के लिए महासमुन्द जाना हुआ। रैकिंग की वजह से पहले वर्ष में ही पढ़ाई पर मन नही लगा। शासन की योजना के अंतर्गत जन स्वास्थ्य रक्षक हेतू आपका चयन हुआ। शासन के द्वारा निधारित एक वर्ष की ट्रेनिंग लिया। शासन के द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया गया। अपने पंचायत क्षेत्र में क्लीनिक खोलकर प्राथमिक उपचार की अनुमति प्रदान की गई। लगभग सन् 1995 से अद्यतन उपचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते आ रहे हैं। यह एक स्वयं सेवी पद है, इसके माध्यम से द्वारा क्षेत्र एवं समाज के लोगो का सेवा करने का सुअवसर मिला।

राजनीतिक सफर की शुरूआत :

       कॉलेज की पढ़ाई के दौरान महासमुन्द में सन् 1989 में श्री पूनम चन्द्राकर, श्री विमल चोपड़ा सहित अन्य दोस्तों के साथ संपर्क हुआ। राष्ट्रीय स्वयं संघ की शाखा जाना चालू किया। एबीवीपी की सक्रिय सदस्यता के रूप में सन् 1990 में जुड़ गए। शाखा में जाने के दौरान संघ का पुस्तक व संघ पर चर्चा ने मुझे काफी प्रभावित किया। एक साल महासमुन्द में रहने के पश्चात राजिम वापस आ गया।

       राजनीतिक सफर की शुरूआत के बारे में बताते हैं कि सन् 1997 में भाजयुमो का सदस्य बनकर पार्टी के विचारों को घर-घर पहुँचाने का काम करना चालु किया। एक साल बाद चम्पारण्य में भाजयुमो की कार्यशाला आयोजित हुई। उस समय तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश अध्यक्ष राजेश मूणत जी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। तभी शिवराज सिंह जी को करीब से सुनने का मौका मिला। उनके विचारों से काफी प्रभावित हुआ। उनके विचारों में एकात्म मानव दर्शन का बोध बहुत ही वारोको से अनुभव हुआ।

       सन् 1995 में भाजयुमो का फिगेश्वर मण्डल का मंत्री बना, फिर सन् 1998 में अध्यक्ष बनकर कर पार्टी के रीति नीति को आगे बढ़ाने का काम किया। सदस्य जिला कार्यकारिणी भाजुयमो बने। इसी दरम्यान सन् 1995 में अटल संदेश यात्रा जो पूरे देश में बहुत जोर-शोर से चल रहा था, महासमुन्द से राजिम तक प्रभारी के रूप में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। संदेश रथ यात्रा को भारी सफलता दिलाने का सफल प्रयास किया गया। इस संदेश यात्रा को व्यापक सफलता मिली। सन् 1999, 2001 व 2003 में सदस्य संचालन समिति विधानसभा चुनाव का दायित्व मिला। सन् 2024 में चुनाव सहायक 'संगठन' लोकसभा चुनाव-2024 का दायित्व निर्वहन किए। सन् 2004 से 2009 तक सदस्य जनपद पंचायत फिंगेश्वर का पदभार संभालकर क्षेत्र के विकास में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया। सन् 2004 से 2009 तक भाजपा मण्डल फिंगेश्वर का अध्यक्ष भी रहे। उसके बाद जिला कार्यकारिणी सदस्य भाजपा जिला रायपुर ग्रामीण बने। जिला अध्यक्ष चिकित्सा प्रकोष्ठ का भी दायित्व संभालने का मौका मिला। सन् 2009 में सहायक चुनाव संचालक लोकसभा चुनाव विधानसभा राजिम के लिए कार्य किए। फिर सन् 2012 से 2015 तक जिला उपाध्यक्ष भाजपा रायपुर ग्रामीण बने। अभी वर्तमान में 5 दिसम्बर 2016 से जिला अध्यक्ष भाजपा गरियाबंद के दायित्व का आपसी सामंजस्य व पूर्ण निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। पार्टी के विचारों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा हैं। इस प्रकार पार्टी के विभिन्न दायित्वों का पूर्ण ईमानदारी के निर्वहन करने का सौभाग्य मुझे मिल रहा है।

       आगे श्री साहू ने बताया कि, राजनीति में मिले सभी दायित्वों का पूर्ण सेवा भाव के साथ सामंजस्य बनाकर काम किया। पार्टी की सभी गतिविधियों को सभी जनप्रतिनिधियों से सलाह मशविरा करके कार्यों को संपादित करते आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं को अपना दोस्त मानकर कार्य करने को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। उन्हें अपने परिवार का अभिन्न सदस्य मानकर उनसे जुड़कर कार्य करता हैं। उनके सुख, दु:ख में हमेशा आप को खड़े होते हैं। आपसी समझ की भावना विकसित करके सामंजस्य बनाकर काम करते

सामाजिक दायित्व का सफर :

          सन् 1989 से ही सामाजिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी देनी सुनिश्चित कर निरन्तर समाज को विकास व उत्थान के लिए प्रयासरत हैं। राजिम क्षेत्र साहू समाज की बहुलता वाला क्षेत्र हैं। ऐसे में सभी को एक दूसरे से जोड़कर सामाजिक विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। सामाजिक संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से निरंतर सामाजिक जागरूकता की पहल हमेशा की जा रही है। समाज में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ना, उनका आर्थिक उत्थान के दिशा में हमेशा की प्रयास रहा है। सामाजिक दायित्वो के अंतर्गत सन् 1996 से साहू समाज राजिम परिक्षेत्र का संगठन मंत्री बन कर समाज को मजबूती प्रदान  करने की दिशा में सार्थक प्रयास करते रहे। इसके बाद संगठन मंत्री तहसील साहू संघ राजिम, सदस्य राजिम भक्तिन माता मंदिर समिति साहू समाज राजिम की मिले सभी जिम्मेदारियों को निभाया। अभी वर्तमान में सदस्य अखिल भारतीय तैलिक वैश्य महासभा व सल्लाहकार राजिम भक्तिन माता समिति के पद में समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

         सामाजिक सुधार की दिशा में सिर्फ रोटी बेटी को यात न हो बल्कि पारिवारिक व्यवस्था दिया जाय इस ओर ज्यादा प्रयास रहता है। समाज से जुड़े मामलों का निराकरण सामाजिक स्तर पर हो इस ओर ज्यादा कोशिश रहती है। इससे समय के साथ-साथ आर्थिक खर्च का भी भार नहीं पड़ता। पहले के दौर में सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नही होती थी। सामाजिक पदाधिकारियों में राजनीतिक महत्वकांक्षा नहीं होती थी। प्रतिस्पर्धा का माहौल नही रहता था। आज समय विल्कुल बदल चुका है राजनीतिक महत्वकांक्षा बढ़ी हैं। जो समाज के विकास के लिए हितकर है। बगैर राजनीतिक संरक्षण के समाज का विकास गति बहुत धीमा होता है। जो अब तेज़ गति से सामाजिक विकास देखने व सुनने को मिल रहा हैं। पहले अलग-अलग समूहों के साथ वैचारिक बिखराव की स्थिति होती थी जो अय सामाजिक जागरूकता से सुधार हो रहा है। किसी भी पार्टी से हो जब समाज विकास की बात आती हो तो एकमत विचार भाव से विकास के कटिबद्ध हो जाना चाहिए। समाज के विकास से व्यक्ति के विकास निर्भर रहता है। जब भी समाज विकास की यात हो विशुद्ध रूप से कार्य करना चाहिए। सामूहिक सकारात्मक प्रयास ही समाज को मजबती प्रदान करता है। समाज के शिक्षित वर्ग फिर चाहे वो डॉक्टर हो, इंजिनियर या कोई प्रशासनिक अधिकारी या जागरूक युवा हो, उनकी संगोष्ठी आयोजित कर उनके अनुभवों का लाभ समाज को मिले, इस ओर प्रयास करना चाहिए। हमारे समाज में ऐसे महापुरुष हुए जिनके जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। ऐसे महापुरुषों की जीवनी से सीख लेते हुए समाज विकास में अपना योगदान अवश्य देना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में:

         प्राथमिक वर्ग प्रशिक्षित है। राष्ट्रीय स्वयं संघ की राष्ट्रीय बैठक चंपारण्य में चिकित्सा व्यवस्था का दायित्व का निर्वहन किया। प्रांतीय बैंक नवापारा में व्यवस्था प्रमुख का दायित्व संभाला। श्रीराम सेतु शिला यात्रा प्रभारी राजिम क्षेत्र, सतनाम संदेश यात्रा प्रभारी राजिम क्षेत्र व विश्व मंगल गी-यात्रा प्रभारी राजिम क्षेत्र हेतु दायित्वों का निर्वहन किया।

जीवन का आदर्शः

         श्रद्धेय स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानते हैं। स्वामी विवेकानंद जी केवल एक संत नही, वक्ता, विचारक, लेखक व मानवप्रेमी भी थे। उनका विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन को पुण्य भूमि है। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से। आप काफी प्रभावित है। स्वामी जी का प्रिय वाक्य उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक तुम रुको मत । निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा सदैव मिलती हैं। उनका जीवन सीख देनी वाली हैं। उनके जीवन के संघर्षों में देश व समाज की चिन्तन स्पष्ट दिखाई देता है। ऐसे दिव्य पुरु के जीवन से थोड़ा सा अंशमात्र भी अपने जीवन में अपनाने का प्रयास हम सभी को करना चाहिए।

आज के युवा पीढ़ी के लिए सीख :

         नि:संदेह युवा समाज एवं देश के विकास में एक महत्वपूर्ण अंग हैं। युवाओं को देश के विकास के लिए अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए। वर्तमान में जो युवा पीढ़ी हैं उनके पास जो अवसर, समय व संसाधन प्राप्त है। तीनों को समायोजित करके उनका सही रूप से प्रयोग करे तो हमारी युवा पीढ़ी बड़े से बड़ा कार्य में अपनी महती भूमिका का निर्वहन कर सकता है। युवा पीढ़ी परिवर्तन का सयसे बड़ा माध्यम है। नया भारत जो माननीय नरेन्द्र मोदी जी ह्यन हैं। उसमें युवा व्यक्ति निर्माण, समाज व राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर आगे बढ़ सकता है। सामाजिक बुराईयों को खुद के पहल से, सामाजिक जन जागरूकता के द्वारा स्वंयमेव ही समाप्त किया जा सकता है।

जीवन का तालमेल :

         राजनीतिक सफर के इन पड़ावों में बहुत कुछ सीखने को मिला। फिर हमेशा ये प्रयास रहता हैं कि पारिवारिक जीवन को भी संतुलित ढंग से संचालित करे। दौरा कार्यक्रमों की अधिकता के बावजूद मेरा यह प्रयास हमेशा रहा है कि सुबह अपने काम पर निकलने से पहले अपनी सभी जिम्मेदारियों को भलीभाँति पूरा करे। परिवार का आपको हमेशा ही सपोर्ट मिला है। पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में आपकी जीवनसंगनी श्रीमती सरोज साहू का भरपूर साथ मिला है।

अपील:

         जिले की जनता से अपील करना चाहता हूँ कि वर्तमान की राजनीतिक व्यवस्था हैं वह आने वाले समय में समाज व हमारी अगली पीढ़ी को बेहतर भविष्य के दिशा में सार्थक पहल साबित होगा। सरकारों के द्वारा गहन चिन्तन मनन किया जा रहा है। छोटे से छोटे तबके के लोगो के लिए समाज को मुख्यधारा में लाने का संकल्प के साथ काम कर रही है। इस पुनीत व्यवस्था में अपने आप को भागीदार बनायें। अपनी सहभागिता देकर समाज व देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दें।

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