जुलवानिया साहू समाज ने मां कर्मा देवी का जन्मोत्सव मनाया
31 March 2022 Rathod Teli Sahu Samaj 12 views
नगर में निकाली वाहन रैली, समाज के मांगलिक भवन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
जुलवानिया - मां कर्मा की भक्ति से प्रभावित होकर भगवान जगन्नाथ ने मंदिर से निकलकर मां कर्मा के हाथों से खिचड़ी प्रसादी खाई थी । आज भी भगवान जगन्नाथ के मंदिर में मां कर्मा देवी के मंदिर से लाई गई खिचड़ी प्रसादी का भोग लगाकर महा प्रसादी बांटी जाती है ।
संगठित व सशक्त समाज के रूप में हमारी पूरे देश में पहचान है । दानवीर भामाशाह ने महाराणा प्रताप को अपने जीवन की सारी पूंजी राष्ट्र धर्म और संस्कृति बचाने के लिए दान कर दी थी। इसलिए साहू समाज दानवीर भामाशाह के नाम से भी पहचाना जाता है । यह बात मां कर्मा देवी की 1006 जन्मोत्सव के अवसर पर युवा साहू समाज संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश साहू ने साहू समाज मांगलिक भवन में मां कर्मा देवी के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में कही । इस कार्यक्रम में जिले से समाज के लोग शामिल हुए । शाम को साहू समाज मांगलिक भवन से वाहन रैली निकाली गई। रैली में युवा और बुजुर्ग केसरिया पगड़ी बांधकर हाथों में भगवा झंडा लेकर मां का देवी के जयघोष लगाते हुए चल रहे थे । सुसज्जित रथ पर मां कर्मा देवी के चित्र वाहन रैली के आगे चल रहा था । ढोल ताशे की साथ में श्रीराम मंदिर, राजपुर रोड, गायत्री मंदिर, शिव मंदिर, पुराना एवी रोड, सांगवी नीम, मां दुर्गा मंदिर बस स्टैंड से होते हुए मांगलिक भवन पर वाहन रैली समाप्त हुई। कार्यक्रम में साहू समाज के जिला संरक्षक राधेश्याम साहू, जिला अध्यक्ष छोटेलाल साहू, महासचिव पप्पू साहू, जिला उपाध्यक्ष सुरेश साहू, जिला प्रवक्ता पवन साहू, जिला महिला साहू समाज संगठन अध्यक्ष शोभा साहू सहित समाजजनों ने माता का पूजन कर महाआरती की। मां का देवी के मंदिर निर्माण के लिए जगदीश साहू की स्मृति में देवेंद्र साहू द्वारा ने 11 हजार की नकद राशि समाज को दी ।
राधा कृष्ण के नृत्य पर जमकर थिरके समाजजन
जन्मोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए । इसमें देवास से आए कलाकारों ने राधा-कृष्णा बनकर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी । कलाकार गौरव शर्मा की आकर्षक नृत्य शैली ने सभी को आकर्षित किया । बड़ी संख्या में मौजूद मातृशक्ति ने राधा-कृष्ण के साथ नृत्य करते हुए बज की होली मनाई । राधा-कृष्ण पर पुष्पवर्षा की । मयूर नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा ।