तेली वैश्य महासभा का अधिवेशन - तेलघाणी बोर्ड बनाने की मांग, ताकि कारोबार बढाया जा सके
प्रांतभर के शामिल रहे समाजबंधुओं से पदाधिकारियों ने कहा - अकड़ - घमंड छोड़कर संगठन को आगे बढ़ाएं
बूंदी राजस्थान तेली पिछड़ा वैश्य महासभा का अधिवेशन रविवार को छत्रपुरा स्थित राठौर छात्रावास में महिला प्रदेशाध्यक्ष अलका पंचोली की अध्यक्षता में मनाया। अधिवेशन में प्रदेशाध्यक्ष पंचोली ने कहा कि समाज में व्याप्त दहेज, मृत्युभोज और सभी कुरीतियों को खत्म करने के लिए जागरुकता लानी होगी । सामाजिक और विकास कार्यों में महिलाओं को आगे कदम बढ़ाना होगा। हर अधिवेशन में महिलाओं को बराबर भागीदारी निभानी चाहिए. ताकि समाज आगे बढ़ सके ।
युवक - युवती परिचय सम्मेलन समय की मांग बताई
समाजसेवी मनमोहन अजमेरा ने युवकयुवती परिचय सम्मेलन को समय की मांग बताया। समाज को साथ लेकर शीतकालीन अवकाश में सम्मेलन करने की बात कही। जिलाध्यक्ष एनके राठौर ने कहा कि समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करना चाहिए. क्योंकि वे अपना काम छोड़कर समाज विकास के लिए काम करते हैं।
संचालन चंद्रप्रकाश राठौर ने किया। इस दौरान अंकुर राठौर, मनीष राठौर, मोहनलाल राठौर, चंद्रप्रकाश राठौर, रमेश राठौर, राजेंद्र राठौर, राकेश राठौर, रामबाबू सालिवाल, श्याम राठौर, पुरुषोत्तम इंदौरा, निखिल राठौर, पुरुषोत्तम सांवरिया, राधेश्याम आसरवा, मुरली अजमेरा, द्वारका साहू, रमेश गुलानिया, सत्यनारायण राठौर, पप्पू राठौर, ज्योति राठौर, उर्मिला राठौर, राधा अजमेरा, अनीता राठौर, पार्वती राठौर, प्रेमलता राठौर, राधा नेनावां, कन्हैयालाल, अजय चौधरी सहित चित्तौड़, बेगू, बदूंदा, निंबाहेड़ा, भीलवाड़ा, केकड़ी, देवली, टोंक, नैनवां, करवर, नमाना, हिंडोली, खेरखटा, अलोद, दौलाड़ा, ठीकरदा क्षेत्र से समाजबंधु शामिल रहे।
शिक्षा व आर्थिक विकास से होती है समाज की पहचान
महिला प्रदेश महामंत्री बालीदेवी अजमेरा ने कहा कि किसी भी संगठन व समाज की पहचान शिक्षा और आर्थिक विकास से होती है, इसलिए समाज के लोग संगठित होकर संगठन को मजबूत बनाएं और इतिहास रचने का काम करें। युवा अध्यक्ष देवेंद्र राठौर ने कहा कि राजनीतिक दलों को दोष देने की बजाय समाज को संगठित करेंगे, तभी हमें राजनीतिक पहचान मिलेगी और विभिन्न दलों के लोग समाज को मान-सम्मान देने का काम करेंगे।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनके जेतवाल ने कहा की समाज के विद्यार्थियों के लिए हर जिले में निशुल्क कोचिंग व्यवस्था होनी चाहिए। अध्यन के लिए पुस्तकालय समय की आवश्यकता है। पार्षद रामराज अजमेरा ने कहा कि समाज की महिलाओं व यवकों को आगे लाना होगा, ताकि अपनी योग्यता अनुसार भूमिका निभाते हुए समाज के विकास कार्यों में अपना योगदान दे सके।
