फिल्म की कहानी प्रेम, त्याग, संस्कार, व कर्तव्य का जीवंत उदाहरण
बैतूल। कांतिशिवा टॉकीज में 5 अप्रैल से शानदार हिंदी धार्मिक फिल्म मेरी मां कर्मा का प्रदर्शन किया जा रहा है। मंगलवार 9 अप्रैल को साहू समाज के सदस्यों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर फिल्म का आनंद लिया। फिल्म में साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा के जीवन से जुड़े पहलुओं को फिल्मांकन किया गया है। इस फिल्म के निमार्ता छत्तीसगढ़ निवासी डीएन साहू है। इस फिल्म में भगवत गीता और भगवान कृष्ण के प्रति माता की श्रद्धा-भक्ति और उनके प्रेम को भी फिल्माया गया हैं। साहू समाज के लोगों ने बताया कि इस फिल्म को देखकर हर समाज को संगठित कर आगे बढ़ने जागरूक करने का प्रयास किया गया हैं।
फिल्म भगवान कृष्ण की भक्ति के साथ ही अन्याय के खिलाफ लड़ने, मानव कल्याण के कार्य करने और लोगों में सामाजिक समरसता का संदेश देती है। फिल्म में वर्तमान परिवेश को किस प्रकार पूर्व के संस्कार त्याग व समर्पण से शिक्षा लेकर कार्य करें तथा विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य ना छोड़ें ऐसी शिक्षा दी गई है। फिल्म में सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति का बेजोड़ उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। साहू समाज के रविंद्र गुदवारे, राजू साहू, नरेश लहरपुरे, ललित आजाद, महेंद्र साहू, पवन साहू ने इस फिल्म की सराहना की व आम लोगों सामाजिक जनों से भी इस धार्मिक फिल्म को देखने की अपील की। उन्होंने कहा मेरी मां कर्मा फिल्म सभी को अपने परिवार सहित जाकर देखना चाहिए, फिल्म में परिवार की एकता, परस्पर सम्मान, संस्कार, सामाजिक समरसता आधुनिकता के साथ हमारे गौरवशाली इतिहास को जानने की प्रेरणा मिलती है।
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