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झारखंड तेली समाज की तेल घानी विकास बोर्ड के गठन की मांग

27 November 2025 Sahu Teli Samaj 31 views

झारखंड तेली समाज का राजभवन के समक्ष आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन

     रांची। झारखंड तैलिक साहू सभा के बैनर तले पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में जुटे तेली समाज के लोगों ने सोमवार को राजभवन के ठीक सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। समाज की सबसे बड़ी और पुरानी मांग यानी “झारखंड तेल घानी विकास बोर्ड” के गठन को लेकर यह आंदोलन हुआ। सुबह दस बजे से ही अलग-अलग जिलों से बसें, टेंपो और निजी गाड़ियों में सवार होकर सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी राजभवन के सामने डेरा डालने लगे थे। ठीक ग्यारह बजे धरना विधिवत शुरू हुआ और पूरे दिन चला।

Jharkhand Teli Samaj Massive Protest Outside Raj Bhavan – Demand Teli Ghani Board

     धरने की अध्यक्षता झारखंड तैलिक साहू सभा के रांची जिलाध्यक्ष कुमार रौशन साहू ने की, जबकि संचालन जिला कमेटी ने संभाला। मंच पर समाजसेवी मूलचंद साहू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। धरने को विभिन्न जिलों से आए वक्ताओं ने संबोधित किया। हर वक्ता ने एक ही स्वर में कहा कि झारखंड में करीब 50 लाख की आबादी वाला तेली समाज आज भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। तेल घानी विकास बोर्ड बनने से न सिर्फ परंपरागत तेल निकालने का काम फिर से जिंदा होगा, बल्कि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे उद्यमियों को आसान ऋण जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

     रांची जिलाध्यक्ष कुमार रौशन साहू ने कहा, “तेल घानी बोर्ड बनेगा तो झारखंड के गांव-गांव में फिर से बैलों वाले कोल्हू चलते दिखेंगे। लघु उद्योग बढ़ेंगे, बेरोजगारी घटेगी और समाज आत्मनिर्भर बनेगा।” प्रदेश अध्यक्ष महेश महतो ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक बोर्ड नहीं बनेगा, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश महासचिव मदन कुमार ने बताया कि बोर्ड बनने पर युवाओं के लिए विशेष कौशल विकास केंद्र खुलेंगे, स्टार्ट-अप को सब्सिडी मिलेगी और तेल उद्योग से जुड़े हर परिवार को सीधा लाभ पहुंचेगा।

    युवा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप साहू ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार जैसे कई राज्यों में तेल घानी बोर्ड पहले से काम कर रहा है। वहां के अनुभवों को झारखंड में लागू करने की जरूरत है। प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद साहू ने बोर्ड को “सरकारी योजनाओं का चौकीदार” बताया और कहा कि बोर्ड ही यह सुनिश्चित करेगा कि तेली समाज के लिए घोषित कोई भी बजट खर्च हो या नहीं।

     धरना खत्म होने के बाद सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर कूच कर गए। राजभवन के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था। कुछ देर नोक-झोंक हुई, लेकिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण आंदोलनकारी आगे नहीं बढ़ सके और वापस लौट आए।

    धरने में मुख्य रूप से मूलचंद साहू, लोहरदगा से डॉ. टी साहू, मुख्य संरक्षक विजय साहू, सुरेश साहू, कार्यकारी अध्यक्ष सुनील साहू, प्रदेश महासचिव मदन कुमार, युवा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप साहू, प्रदेश अध्यक्ष महेश महतो, कुमार रौशन साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

     तेली समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही तेल घानी विकास बोर्ड का गठन नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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