तेली साहू राठौर समाज का BJP के खिलाफ ' प्रतिनिधित्व' को लेकर रोष; आगामी चुनावों में वोट पर पुनर्विचार की चेतावनी
संवाददाता श्रीराम साहू - भोपाल (मध्य प्रदेश): भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में उचित प्रतिनिधित्व न मिलने से तेली साहू राठौर समाज में गहरा रोष व्याप्त हो गया है। आज, अखिल भारतीय तेली महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम अस्तोलीया के नेतृत्व में एक शक्तिशाली प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल जी से भेंट कर अपनी तीखी नाराजगी व्यक्त की । प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि प्रदेश कार्यकारिणी में तेली समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि समाज की आवाज़ को सही मंच मिल सके। प्रदेश से प्रतिनिधि मंडल जिन्होंने ज्ञापन सौंपा उसमें प्रमुख रूप से राधेश्याम अस्तोलीया (प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय तेली महासभा ) दिनेश सिल्लन साहू (दतिया) राष्ट्रीय युवा कार्यकारी अध्यक्ष, मिश्री लाल राठौर खरगौन ( प्रदेशकार्यकारी अध्यक्ष ) शंभू दयाल साहू (प्रदेश सलाहकार ) राजेश आजाद (प्रदेश अध्यक्ष, व्यापारी प्रकोष्ठ) ।
प्रतिनिधि मंडल के सदस्य दिनेश सिल्लन साहू ने रोष जताते हुए भाजपा को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तेली समाज पूरी तरह 'भारतीय जनता पार्टी को वोट देता आया है। श्री साहू ने स्पष्ट किया कि अगर जल्द ही प्रदेश में तेली समाज को किसी प्रकार का उचित प्रतिनिधि मंडल नहीं दिया गया, तो आगामी चुनाव में तेली समाज भी वोट देने से पहले एक बार भारतीय जनता पार्टी के ऊपर विचार अवश्य करेंगी। यह बयान दर्शाता है कि समाज अपनी मांगों को लेकर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। वरिष्ठ नेता राधेश्याम अस्तोलीया ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को संज्ञान में देते हुए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल को तेली समुदाय के हितों पर तत्काल ध्यान देने की स्पष्ट चेतावनी दी है। श्री अस्तोलीया ने कांग्रेस पार्टी की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए अपने तर्क को बल दिया। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी को अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) वर्ग का लगभग 90% वोट प्राप्त होता था। लेकिन उनके समर्थन को हल्के में लेने के कारण, आज कांग्रेस पार्टी की यह दयनीय स्थिति है। उन्होंने आगे कहा कि SC / ST समुदाय ने कांग्रेस पार्टी को छोड़कर एक नई पार्टी बना ली है, जिसका सीधा नुकसान कांग्रेस को हुआ है। बीजेपी नेतृत्व को सचेत करते हुए, अस्तोलीया जी ने साफ कहा, अगर बीजेपी ने भी तेली जाति को उसके अधिकारों से वंचित रखा या उनकी अनदेखी की, तो इसका सीधा परिणाम उनकी सरकार के पतन के रूप में सामने आएगा। यह बयान स्पष्ट रूप से बीजेपी नेतृत्व से आग्रह करता है कि वे तेली समुदाय के हितों पर ध्यान केंद्रित करें और उनके समर्थन को मजबूत बनाए रखें, ताकि भविष्य में होने वाले चुनावी नुकसान से बचा जा सके और सत्ता बरकरार रखी जा सके। इस चेतावनी को आगामी चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल जी से यह भी अनुरोध किया कि वे मुख्यमंत्री से बात कर तेलघानी बोर्ड को पुनः चालू करने पर गंभीरता से विचार करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल जी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है कि उनकी सभी मांगों पर गहन विचार कर समाज के हित में निर्णय लिया जाएगा और तेली समाज को प्रदेश में उचित सम्मान दिया जाएगा। हालांकि, समाज का कहना है कि वे अब केवल ठोस कार्रवाई पर ही विश्वास करेंगे
