तेली समाज पांढुर्णा द्वारा 197 प्रतिभावान विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समाराेह संपन्न
पांढुर्णा। तेली समाज संगठन पांढुर्णा द्वारा रविवार को संत जगनाडे महाराज सांस्कृतिक सभागृह में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। समारोह में कुल 197 मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और निरंतर मेहनत की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल अच्छे अंक ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और समय प्रबंधन भी बेहद आवश्यक हैं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अनंत बालपांडे ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल क्षेत्र की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने परीक्षा की रणनीति, अध्ययन पद्धति और सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुझाव साझा किए, जिससे विद्यार्थियों को अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिली।
नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उनके माता-पिता के त्याग, परिश्रम और समर्पण का भी परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए माता-पिता अनेक कठिनाइयों का सामना करते हैं और ऐसे सम्मान समारोह वास्तव में उनके प्रयासों को भी सम्मानित करने का माध्यम बनते हैं।
समारोह के दौरान समाज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों पुष्पलता तितरे, नीलिमा कामड़े एवं नामदेव बालपांडे का भी विशेष सम्मान किया गया। उन्हें शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर समाज के प्रति उनके योगदान और सेवाओं के लिए अभिनंदित किया गया। इसके अलावा विभिन्न ग्रामीण संगठनों के पदाधिकारियों का स्वागत कर उनके सामाजिक योगदान की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को और अधिक मेहनत करने तथा बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण संकल्प भी लिया गया। समाज ने निर्णय किया कि आगामी वर्ष से सम्मान के लिए न्यूनतम अंक सीमा 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों में उत्कृष्टता की भावना और अधिक विकसित हो सके।
कार्यक्रम का सफल संचालन विजय घूघुसकर एवं रविंद्र बावनकर ने किया, जबकि अंत में योगीराज वानोडे ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। समारोह को सफल बनाने में समाज के अनेक पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन का माध्यम बना, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता और जागरूकता का भी प्रतीक सिद्ध हुआ।
