दिल्ली में साहू समाज के भव्य सामाजिक भवन एवं छात्रावास का निर्माण होगा।
शिक्षा और संगठन को मिलेगा नई दिश
नई दिल्ली। साहू समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज की एकता, संगठन की मजबूती, युवाओं के भविष्य, शिक्षा के विस्तार और समाज के दीर्घकालीन विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भावना स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि वर्तमान समय में शिक्षा और संगठन ही समाज की प्रगति के सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं तथा इन्हें मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
बैठक में कसडोल विधायक एवं अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष संदीप साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल गुप्ता, राष्ट्रीय अपर महासचिव अरुण भस्मे, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सियाराम साहू, राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष रमेश साहू, दिल्ली साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार, सचिव यशवंत जोशी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बी.एम. प्रसाद सहित अनेक राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान समाज के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। विशेष रूप से नई दिल्ली में साहू समाज के लिए एक भव्य सामाजिक भवन, आधुनिक छात्रावास और बहुउद्देशीय सभागार के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि आज देशभर से हजारों विद्यार्थी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा तथा रोजगार की तलाश में राजधानी दिल्ली पहुंचते हैं, लेकिन उनके सामने रहने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्या बनी रहती है। ऐसे में समाज का अपना छात्रावास और सामाजिक केंद्र समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है।
बैठक के बाद संदीप साहू के नेतृत्व में समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री Tokhan Sahu से उनके मंत्रालय में मिला। इस अवसर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के आयुक्त भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक उन्नति से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए दिल्ली में साहू समाज के लिए स्थायी सामाजिक भवन एवं छात्रावास निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साहू समाज के विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने, संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए दिल्ली आते हैं। इसके अलावा रोजगार, प्रशिक्षण और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए भी समाज के लोग नियमित रूप से राजधानी का रुख करते हैं। लेकिन उचित आवास और सामाजिक सहयोग केंद्र के अभाव में उन्हें आर्थिक तथा व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
समाज के नेताओं ने कहा कि यदि दिल्ली में आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास और सामाजिक भवन का निर्माण हो जाता है तो इससे विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। यह भवन केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। यहां से समाज के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का संचालन किया जा सकेगा तथा विभिन्न राज्यों से आने वाले समाजबंधुओं को एक साझा मंच उपलब्ध होगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और इसे समाजहित में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली में साहू समाज के सामाजिक भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा सकारात्मक पहल की जाएगी।
इस अवसर पर संदीप साहू ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा और संगठनात्मक क्षमता में निहित होती है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। बड़ी संख्या में समाज के छात्र बेहतर शिक्षा और करियर निर्माण के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन उन्हें रहने की सुरक्षित और किफायती व्यवस्था नहीं मिल पाती। ऐसे में समाज का अपना छात्रावास उनकी अनेक समस्याओं का समाधान करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित सामाजिक भवन और छात्रावास केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण मिलेगा, वहीं समाज की राष्ट्रीय पहचान और संगठनात्मक शक्ति भी मजबूत होगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शिक्षा, संगठन और सामाजिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और समाज के वरिष्ठजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के बाद यह लंबे समय से चली आ रही मांग जल्द ही मूर्त रूप ले सकेगी। उनका मानना है कि दिल्ली में सामाजिक भवन और छात्रावास बनने से देशभर से आने वाले विद्यार्थियों, युवाओं और समाजबंधुओं को स्थायी सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही यह केंद्र समाज की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और संगठनात्मक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
समाज के नेताओं ने कहा कि सामूहिक प्रयास, मजबूत संगठन और शिक्षा के प्रति जागरूकता ही समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। दिल्ली में प्रस्तावित यह परियोजना उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में साहू समाज के विकास और सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी।
