उज्जैन में होने वाले राष्ट्रीय तेली साहू अधिवेशन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया गया आमंत्रण
साहू समाज की एकता और संगठनात्मक मजबूती पर होगा राष्ट्रीय मंथन
भोपाल - राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन द्वारा आगामी 6 सितंबर 2026 को उज्जैन में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय अधिवेशन एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चंदन साहू ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भोपाल में सौजन्य भेंट कर उन्हें इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस दौरान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को औपचारिक निमंत्रण पत्र भी सौंपा गया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों से अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन और राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 6 सितंबर 2026, रविवार को उज्जैन स्थित माधव सेवा न्यास, श्री महाकालेश्वर भक्त निवास परिसर, भारत माता मंदिर के समीप आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक प्रस्तावित है। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि यह आयोजन समाज की एकता, संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर समाज के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए आमंत्रण पत्र में उल्लेख किया गया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों में निवासरत साहू समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों को एक मंच पर एकत्रित करना है। इसके माध्यम से समाज में आपसी समन्वय को मजबूत करने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस चर्चा की जाएगी।
संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चंदन साहू ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से न केवल कार्यक्रम की शोभा बढ़ेगी, बल्कि समाज के हजारों प्रतिनिधियों और युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन समाज के विकास, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के लिए नई दिशा प्रदान कर सकता है।
राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। संगठन के अनुसार विभिन्न राज्यों से सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि तथा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। इस कारण यह अधिवेशन राष्ट्रीय स्तर पर साहू समाज का एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आयोजन माना जा रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में समाज के सामने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक प्रतिनिधित्व, संगठनात्मक विस्तार और युवाओं की भागीदारी जैसे कई महत्वपूर्ण विषय हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान इन सभी मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी तथा समाज के विकास के लिए एक दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं की भूमिका, शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं, सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय, समाज की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा समाजहित से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श प्रस्तावित है।
उज्जैन में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक को संगठन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी तथा आगामी वर्षों के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। देशभर में संगठन के विस्तार, नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों, सदस्यता अभियान और समाज के विभिन्न वर्गों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
संगठन के नेताओं का मानना है कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में समाज को अधिक संगठित और जागरूक बनाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। समाज के हितों की रक्षा, शिक्षा के प्रसार और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजनाओं पर भी मंथन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव सेठ, प्रदेश उपाध्यक्ष (युवा मोर्चा) सुनील राठौर, लोकेश साहू, नर्मदाप्रसाद साहू और अनिल साहू सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री को उज्जैन में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन की जानकारी देते हुए उनकी उपस्थिति का आग्रह किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस आमंत्रण को स्वीकार करेंगे और राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होकर समाज को अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता समाज के लिए गौरव का विषय होगी और इससे समाज के लोगों में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार होगा।
उज्जैन में होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर के साहू समाज को एक सूत्र में पिरोने, समाज के भविष्य की दिशा तय करने और संगठन को नई मजबूती प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि इस अधिवेशन से कई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आएंगे, जो आने वाले समय में समाज के विकास और संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
