हरेली पर्व पर वृक्षारोपण का अनूठा संदेश; झिरिया तेली साहू समाज ने बढ़ाया पर्यावरण संरक्षण का अभियान
हरियाली अमावस्या के अवसर पर कृषि परंपराओं का सम्मान, पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प
नागपुर। हरियाली अमावस्या और हरेली पर्व के पावन अवसर पर झिरिया तेली साहू समाज विदर्भ प्रदेश एवं इच्छा फाउंडेशन, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायी सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीताबर्डी स्थित टेकड़ी रोड पर रक्षा विभाग के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
हरेली पर्व भारतीय कृषि संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण उत्सव माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कृषि उपकरणों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ की गई। फावड़ा, घमेला, टिकास, सब्बल तथा खेती-किसानी में उपयोग आने वाले अन्य उपकरणों का पूजन कर किसानों के श्रम, कृषि संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
आयोजकों ने बताया कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि और मानव जीवन के गहरे संबंधों का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पूजा-अर्चना के बाद व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजबंधुओं, युवाओं, महिलाओं और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया। विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लोगों से केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहने, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना उससे भी अधिक जरूरी है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे का संरक्षण करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय तैलिक राठौड़ साहू महासंघ, नई दिल्ली के केंद्रीय अध्यक्ष उमेश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज को सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों को समाज और प्रकृति दोनों के लिए लाभकारी बताते हुए युवाओं से अधिकाधिक संख्या में ऐसे अभियानों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नागपुर महानगरपालिका के नगरसेवक एवं उपसभापति सुनील हिरणवार ने भी सहभागिता की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और हरियाली संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आयोजकों द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुरवंशी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज और सामाजिक संगठन पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तब उसके सकारात्मक परिणाम पूरे क्षेत्र को देखने को मिलते हैं।
कार्यक्रम की सफलता में बाबूलाल साहू, डॉ. राजकुमार साहू, बलदाऊराम साहू, गुलाबभाई ठाकुर, प्रभाकर काळे और दुर्गेश साहू सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों को मिठाई वितरित कर हरेली पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान समाज के लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के अभियान से जुड़ेंगे। हरेली पर्व के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सुंदर संगम बनकर सामने आया।
