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पाकुड़ में तेली समाज की बैठक, संगठन विस्तार और सामाजिक एकता पर बनी रणनीति

19 September 2026 Sahu Teli Samaj 18 views

    पाकुड़। जिला तेली समाज, पाकुड़ की ओर से रविवार, 13 सितंबर 2026 को सहरकौल स्थित डॉ. अनोज के क्लिनिक परिसर में बैठक सह कार्यकर्ता जुटान का आयोजन किया गया। बैठक में समाज के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, सामाजिक एकजुटता बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।

    बैठक का संचालन राजू नंदन साहा एवं हुकुम चंद ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर जिला तेली समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें अनुगृहीत साह, रंजन साहा, डॉ. अनुज साहा, अशोक कुमार साहा, अरविंद गोराई, धनेश्वर साहा, दीपक साहा, कालीचरण साहा, रतन साहा, बानेश्वर साहा, श्रवण साहा, रामकुमार साहा, विश्वनाथ साहा, अरुण साहा, धनंजय साहा, नरेन साहा, अनिल साहा, राजेश साहा, ओमप्रकाश साहा एवं सहदेव साहा सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।

Pakur Mein Teli Samaj Ki Baithak Sangathan Vistar Aur Samajik Ekta Par Strategy

    बैठक में समाज को केवल जिला और नगर स्तर तक सीमित रखने के बजाय गांव एवं प्रखंड स्तर तक संगठन का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया गया। संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर कमेटी की तर्ज पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय समितियों के गठन का निर्णय लिया गया। उपस्थित सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से समर्थन दिया।

    संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। चुनाव की तिथियां निर्धारित करने तथा चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर चुनाव पर्यवेक्षक दल गठित करने पर सहमति बनी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संगठनात्मक चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों, ताकि सभी स्तरों पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

Teli Samaj Ki Pakur Baithak Vistar Aur Ekta Ki Nayi Ranniti

    समाज को गांव-गांव तक जोड़ने के लिए प्रत्येक गांव में ग्राम स्तरीय संयोजक नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। ग्राम स्तरीय संयोजक स्थानीय समाज के लोगों और जिला संगठन के बीच संपर्क एवं समन्वय का कार्य करेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में समाज से जुड़े मुद्दों, समस्याओं और सुझावों को संगठन तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित संवाद व्यवस्था विकसित करने की योजना है।

    बैठक में सामाजिक एकता को संगठन की प्राथमिक आवश्यकता बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों को साझा मंच पर संगठित करना जरूरी है। आपसी समन्वय और सहभागिता के माध्यम से सामाजिक हितों से जुड़े विषयों को अधिक प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सकता है। साथ ही नई पीढ़ी को समाज की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक विरासत से जोड़ने तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में सामाजिक गतिविधियों को व्यापक बनाने पर भी चर्चा हुई। गैर-राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़कर गरीब, जरूरतमंद और वंचित लोगों की सहायता के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत समाज के भीतर सहयोग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

    आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर दिसंबर माह में जिला स्तरीय महासभा आयोजित करने की घोषणा की गई। महासभा को व्यवस्थित एवं व्यापक स्वरूप देने के लिए प्रखंड स्तर पर सात सदस्यीय समितियों के गठन की बात कही गई। इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयारियां करने, समाज के लोगों को महासभा से जोड़ने और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग लेने की योजना बनाई गई।

    बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन के विस्तार के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संगठन से जोड़ने, उनकी समस्याओं को समझने और सामूहिक स्तर पर समाधान के प्रयास करने को लेकर भी चर्चा हुई।

     कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष कुमार शांतनु ने उपस्थित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने, आपसी मतभेदों को दूर रखते हुए सामाजिक हितों के लिए मिलकर कार्य करने तथा समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

    बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक एकता, संगठनात्मक मजबूती और समाजहित में सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक में लिए गए निर्णयों को आने वाले समय में संगठन को प्रखंड और ग्राम स्तर तक विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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