वाड़ी उड़ान पुल को संताजी जगनाडे महाराज का नाम देने की मांग, ओबीसी की स्वतंत्र जनगणना पर भी जोर
विधायक विकास ठाकरे को श्री संताजी अखिल तेली समाज संगठन ने सौंपा ज्ञापन; वर्ष 2026 की जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग
वाड़ी | नागपुर- नागपुर-अमरावती महामार्ग पर स्थित वाड़ी उड़ान पुल का नामकरण ‘श्री संताजी जगनाडे महाराज फ्लाईओवर’ करने की मांग उठाई गई है। इसके साथ ही वर्ष 2026 की जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की स्वतंत्र गणना कर उसके लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग भी की गई है। इन दोनों मांगों को लेकर श्री संताजी अखिल तेली समाज संगठन के प्रतिनिधियों ने विधायक विकास ठाकरे से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
संगठन की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया कि संताजी जगनाडे महाराज के नाम पर वाड़ी उड़ान पुल का नामकरण करने से उनके योगदान को सम्मान देने के साथ ही उनकी स्मृति को सार्वजनिक जीवन में बनाए रखने का अवसर मिलेगा। संगठन ने इस मांग के माध्यम से संताजी जगनाडे महाराज के नाम को स्थानीय स्तर पर सम्मान और पहचान दिलाने की पहल की है।
ज्ञापन में ओबीसी समाज की स्वतंत्र जनगणना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या के साथ उसकी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध होना आवश्यक है। ऐसे आंकड़ों के आधार पर समाज की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और विकास संबंधी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
संगठन ने मांग की कि वर्ष 2026 की जनगणना में ओबीसी समाज की गणना के लिए अलग कॉलम रखा जाए, ताकि इस वर्ग की जनसंख्या से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज हो सके। संगठन के अनुसार, विश्वसनीय आंकड़ों की उपलब्धता सामाजिक न्याय, शैक्षणिक अवसरों और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर नीतिगत निर्णय लेने में उपयोगी हो सकती है।
श्री संताजी अखिल तेली समाज संगठन ने दोनों मांगों को समाज के सम्मान और विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए इन्हें संबंधित स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता जताई। अब इन मांगों पर संबंधित प्रशासन और शासन स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर ध्यान रहेगा।
मुख्य मांगें
वाड़ी उड़ान पुल का नाम ‘श्री संताजी जगनाडे महाराज फ्लाईओवर’ रखा जाए।
वर्ष 2026 की जनगणना में ओबीसी समाज की स्वतंत्र गणना की जाए।
ओबीसी समाज के लिए जनगणना में अलग कॉलम शामिल किया जाए, ताकि उसकी जनसंख्या और स्थिति के प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
