राजनीति में हक की हुंकार: भोपाल में महाकुंभ की तैयारी में तेली साहू समाज, सरकार में हिस्सेदारी की मांग
आगामी नगरीय निकाय, पंचायत सहित अन्य चुनावों में प्रतिनिधित्व चाहता है तेली समाज; गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जुटाएगा लोग, 27 दिसंबर को होगा युवक-युवती परिचय सम्मेलन
प्रदेश की राजनीति में अपनी भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय तेली साहू महा संगठन ने अब खुलकर आवाज उठाने का ऐलान किया है। रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में आने वाले नगरीय निकाय, पंचायत सहित अन्य चुनावों में तेली समाज को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और समाज को सरकार में भी हिस्सेदारी दी जानी चाहिए।
संगठन का कहना है कि राजनीतिक रूप से समाज को अब तक कोई स्थान नहीं मिला है। इसी कमी को दूर करने और आगामी चुनाव में समाज को प्रतिनिधित्व दिलाने की मांग को मजबूती से रखने के लिए संगठन भोपाल में एक महाकुंभ आयोजित करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने बताया कि इस महाकुंभ की तैयारी के लिए संगठन के लोग गांव-गांव और शहर-शहर जाएंगे और समाज के लोगों को एक मंच पर इकट्ठा करेंगे। आने वाले समय में समाज के लोगों के साथ-साथ छोटे-बड़े सभी संगठनों को भी जोड़ा जाएगा और फिर सबको साथ लेकर भोपाल में महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के जरिए तेली समाज की ताकत दिखाई जाएगी।
अशोक साहू के मुताबिक इस संबंध में समाज के सभी संगठनों के बीच चर्चा भी की जाएगी और उनसे अपील की जाएगी कि वे एकजुट होकर महाकुंभ में पहुंचें। उन्होंने साफ किया कि समाज के लोगों को सरकार में प्रतिनिधित्व मिले, यही संगठन का मुख्य मुद्दा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि समाज का जो भी व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी या कांग्रेस पार्टी में काम कर रहा है, उसे प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इस बयान से संकेत मिलता है कि संगठन की मांग किसी एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के उन कार्यकर्ताओं के लिए भी अवसर चाहता है जो अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी समाज के लिए यह स्वाभाविक है कि वह निर्णय लेने वाली संस्थाओं और सरकार में अपनी आवाज देखना चाहे। नगरीय निकाय और पंचायत जैसे चुनाव स्थानीय स्तर पर आम लोगों के सबसे करीब माने जाते हैं, इसलिए इनमें प्रतिनिधित्व की मांग का अपना अलग महत्व है। संगठन की इसी मांग को अब महाकुंभ के जरिए संगठित रूप से सामने रखने की तैयारी है।
महाकुंभ नाम से ही संकेत मिलता है कि संगठन इसे समाज के बड़े जमावड़े के रूप में देख रहा है। गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को जोड़ने की बात से यह भी झलकता है कि संगठन इसे केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की तरह चलाना चाहता है।
27 दिसंबर को युवक-युवती परिचय सम्मेलन
राजनीतिक मांगों के साथ-साथ संगठन ने सामाजिक मोर्चे पर भी एक आयोजन की जानकारी दी है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने बताया कि 27 दिसंबर को युवक-युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विदिशा रोड स्थित मालीखेड़ी के सृष्टि मैरिज गार्डन में होगा।
उनके अनुसार इस मौके पर समाज की एकता, शक्ति और सामाजिक मान-सम्मान में प्रतिष्ठा का प्रदर्शन किया जाएगा। साहू ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ योग्य युवक-युवतियों के परिचय का मंच भर न रहे, बल्कि ऐसा माध्यम बने जहां साहू समाज अपनी एकता, ताकत और संगठन शक्ति को शासन, प्रशासन और सरकार के सामने रख सके।
परिचय सम्मेलन समाज के युवक-युवतियों को एक मंच पर लाने का पारंपरिक माध्यम माने जाते हैं, और संगठन इस मंच को सामाजिक शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़ना चाहता है। आयोजन में बायोडाटा के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपर्क किया जा सकता है। इस संबंध में एक सूची बनाई गई है।
कुल मिलाकर संगठन ने राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग और सामाजिक एकजुटता का कार्यक्रम, दोनों को साथ लेकर चलने का संकेत दिया है। एक तरफ भोपाल में महाकुंभ के जरिए समाज की ताकत दिखाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ परिचय सम्मेलन के माध्यम से समाज को आपस में जोड़ने की कोशिश। अब नजर इस पर रहेगी कि संगठन की यह मुहिम कितनी रफ्तार पकड़ती है और राजनीतिक दल समाज की इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।
एक नजर में:
- मांग: आगामी नगरीय निकाय, पंचायत सहित अन्य चुनावों में तेली समाज को प्रतिनिधित्व और सरकार में हिस्सेदारी।
- महाकुंभ: भोपाल में; गांव-गांव, शहर-शहर संपर्क कर समाज और छोटे-बड़े संगठनों को जोड़ा जाएगा।
- परिचय सम्मेलन: 27 दिसंबर, सृष्टि मैरिज गार्डन, मालीखेड़ी, विदिशा रोड।
