वधु - वर फॉर्म

संत संताजी जगनाडे महाराज

10 May 2017 sant santaji maharaj jagnade 28 views

sant santaji jagnade maharaj

      संत संताजी जगनाडे महाराज का जन्म सन 1625 में महाराष्ट्र के पुना (चाकण)  में हुआ था । उनके नाना का  नाम  भिवा जगनाडे   पिता का  नाम  विठोबा जगनाडे और  माता का  नाम मथुबाई था । और  उनका परिवार  महान  विठ्ठल  भक्त था । उनके पिताजीने  उन्हे घर  मै ही  पढाई  लिखाई  की शिक्षा  दि । 12 वर्ष की आयु में उनका विवाह हो गया था । वे पैत्रिक तेल का व्यवसाय करने लगे, किन्तु एक  दिन उन्होने  संत  तुकाराम  का  किर्तन  सुना  और उनके  शिष्य हो गये । संत तुकाराम जो  अभंग आपने किर्तन  मै सुनाते  उसे  बाद  मै  संत  संताजी  जगनाडे  लिपिबध्द करते थै । ब्राम्हण वर्ग संत तुकाराम जी और संत  संताजी महाराज जगनाडे से द्वेष रखते थे ।  संत तुकाराम  ने संत संताजी को  आपना  प्रमुख  शिष्य बनाया था । ब्राह्मण वर्ग संत तुकाराम की भक्ति गीतों से द्वेष रखता था  और उनके सभी कृतियों को इंद्रायणी नदी मैं डुबा दिया । संत संताजी जगनाडे जी ने तुकाराम जी के अभंग गाथा को पुन: लपिबद्ध किया, जो आज भी जन - जन में लोकप्रिय है । 

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अभंग रक्षक श्री संत संताजी जगनाडे महाराज अभंग लेखन करताना | Sant Santaji Maharaj Writing Abhang