वधु - वर फॉर्म

तेली समाज देवी सती कण्णगी

19 May 2017 Teli samaj 1 views

Kannagi Teli samaj devi

       चोलवंशी शासन काल में तमिलनाडू राज्य में नवयुवक कोवालन ने अप्सरा के समान सुन्दरी कण्णगी से शादी की थी । यह सुखी एवं वैभवपुर्ण  व्यापारिक तेली परिवार था । इसी मध्य कोवालन राजनर्तकी माधवी पर मोहित हो गया और अपना सभी धन संपत्ती न्यौछावर किया । मोहपास भंग होने पर पुन: कण्णगी के पास आया । पारिवारिक व्यवस्था के लिए रत्नजडित पायल बेचते समय चोरी का मिथ्या लाछन लगाकर राजज्ञा से धड अलग कया गया । कण्णगी ने तब  राज्य सभा मै आपने  पतीपर लगा चोरी  का आरोप  झुटा  साबीत  किया । उसके  बाद  सती कण्णगी ने  पुरे  नगर को भस्म करणे  का शााप दिया  और  वह  वहा  से  चली  गई,  इस  के  बाद  पूरा  नगर  अग्नी  मे  भस्म  हो  गया ।  इसका उल्लेख तमिल भाषा के प्रसिद्ध ग्रंथ यिल्लापद्दी ग्राम में मिलता है । यह लोक कथा दक्षिण भारत में प्रचलित है । इस कथानक पर फिल्म बनये गये है । तथा संपूर्ण भारत में प्रसारित है । 

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