Sant Santaji Maharaj Jagnade
संगीत विरासत में: बचपन से ही बाल मित्रों के साथ तालाब के किनारे वृक्षों के छाव तले, खेत के मेढ़ में गुन गुनाते रहे, सुर मेसुर मिलाते रहे, यही सुर संगम, विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आवाजों - स्वरों का रूपाकार, लोक संगीत की मिठास का नाम है खुमान साय । सन् 2016 में श्री खुमान साव को लोक कला के क्षेत्र में अनुकरणीय एवं सराहनीय कार्य के लिए राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत भी हो चुका है। संपन्न कृषक जमीदार दाऊ श्री टीकमनाथ साव पिता श्री का स्नेहासिक्त पुत्र श्री खुमान लाल साय का जन्म 5 सितम्बर 1932 को ग्राम खुरसी टिकुले (चौकी यांधा रोड) जिला राजनांदगांव में हुआ।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की महिमा का बखान को बहुत ही सुन्दर और मनमोहक आवाज़ के साथ प्रस्तुत करने के लिए आज पूरे प्रदेश में जाने व पहचाने नाम हैं। जिनकी प्रतिभा की भूरी-भूरी प्रशंसा करते है। ऐसे व्यक्तित्व में शुमार है खैरझिटी के रामायणी श्री नंदकुमार साहू।
आज की इस भागमभाग दौड़ में लोग नई-नई सामानों को खरीद कर अपना शक एवं आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में जो समान उपयोग के लायक न रहे वह कचरे में तब्दील हो जाती हैं। यह जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है। ऐसे में उसी उपयोग विहीन दस्त को एकदम नये स्वरूप में प्रस्तुत करके लोगों को बरबस ही इस कला से अपनी ओर अकर्षित करती है। ऐसे यक्तित्व की धनी सुश्री राजश्री साहू को इस कला में महारत हासिल हैं।
रायपुर, 20 जून शहर जिला साहू संघ रायपुर की आवश्यक बैठक 23 जून रविवार को कर्माधिाम कृष्णा नगर (संतोषी नगर) 3 बजे रखा गया है। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहु संघ के होने वाले चुनाव में मतदाताओं के संबंध में चर्चा होगी जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर पदाधिकारियों में मतदाताओं के नाम तय किए जाएंगे इसी प्रकार शहर जिला साहू संघ के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के
पंचायत से संसद तक का सफर :
कुछ लोग इतने जुनूनी होते है कि जो चाहते हैं। उसे पूरा करते हैं, वे सफलता के लिये लगातार प्रयास करते रहते हैं उनका लक्ष्य मजबूत होता है। कि वे असंभव को संभव बना लेते है। श्री चंदूलाल साहू जी के व्यक्तित्व को यदि टटोला जाये तो यह बात सच लगती है।