Sant Santaji Maharaj Jagnade
उड़ीसा राज्य के अंगुल जिला के पंमहला गांव के किसान मजदूर पविार में नेपालचंद साहू का जन्म मई 1926 में हुआ ये कृषि मजदूरी एवं भेडबकरी चराने का भी काम करते थै ।वे गिरी शिखर जंगल में प्रतिदिन जाया करते थे । बारह वर्ष की उम्र में वहां जनावर चराते हुए एक बार उसे जोर से बुखार आ गया । इसी मध्य एक श्वेतवस्त्र धारी बुढे बाबा ने कहा कि मेरे साथ आओं में तुम्हे वह वृक्ष दिखाता हूं जिसकी पत्ती को तुम जिस पिडित व्यक्ति को दे दोगे उसके सेन से उसकी सभी प्रकार की बिमारी दुर हो जायगे । तब से किसी भी रोग से ग्रसित व्यक्ति को वही पूर्ण देता, पिलाता पे रोगमुक्त होने लगे ।
इतिहास एवं साहित्यकार ओमली ने लिखा है कि नालंदा के बौद्ध के बडे प्रवेश द्वार का निर्माण तैलाधक वंश ( तेली समाज वंश ) के धनी व्यक्तियों मे प्रमुख श्री. नरसिंह गुप्त बालदित्य ने कराया था । तेलबाडा (नालंदा) निवासी श्री बालादित्य गुप्त वंश के थै चीनी यात्री व्हेनसांग ने अपने यात्रा वृत्तांत मै उल्लेख किया है । इसके निर्माण के अवशेष उत्खनन में भी प्राप्त हुए है ।
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गर्व हमें है, हम है तेली
निज गौरव, स्वाभिमान हैं,
सरल सौम्य, योद्धा भी जन्मे
पावन एक पहचान हैं ।
कांतिहीन सा चेहरा छोडो
हेमूशाह फौलाद हो,
मॉ कर्मा के, आंख का तारा
राजिम मॉ की औलाद हो ।
बिलासपुर - वर्तमान समय में जीवनसाथी का चुनाव बहुत ही कठिन कार्य है । योग्य युवक - युवती का चयन करने के लिए परिचय सम्मेलन बहुत अच्छा माध्यम है । इससे समाज के अंदर ही योग्य वर - वधु का चयन किया जा सकता है । साथ ही साथ समय भी बचता है । साहू समाज ने युक - युवतियो के लिए परिचय समम्मेलन करते हुए बेहतर कार्य किया है । ऐसे आयोजन हमेशा होते रहना चाहिए ।
दुर्ग - जिला साहू संघ के सामाजिक सम्मेलन में रविवार को जीवनसाथी की तलाश में विवाह योग्य 1218 युवक-युवतियों ने अपना परिचय रखा । विवाह योग्य युवक युवतियों को पंजीयन के आधार पर मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां युवक व युवतियों ने अपने पालकों के नाम के साथआपनी शिक्षा और योग्यता की जानकारी रखी । सम्मेलन में सांसद ताम्रध्वज साहू भी अतिथि के रूप में शामिल हुए ।