Sant Santaji Maharaj Jagnade
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भारत वर्ष में सन 1931 में अंतिम बार जाति आधारित जनगणना हुई थी, जिसके आधार पर 3 से 4 प्रतिषत जनसंख्या अनुमानित है । छत्तीसगढ के रतनपुर राज्य सन 1818 से 1820 तक अंग्रेज अधीक्षक कर्नल एग्न्यू द्वारा परिवारों की गणना करायी गई थी, जिसमें साहू परिावर 9.5 प्रतिशत पाये गये । सन 1931 की जनगणना अनुसार साहू समाज की जनसंख्या 10.5 प्रतिशत थी । इसके बाद सरकार की नितियो में अनुकूलता के कारण पडोसी राज्यों से बडी संख्या में अगमन हुआ ।
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डॉ. आर. के. शनमुखम चेट्टी का जन्म सन 1890 में कोयंबटूर में हुआ था । कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने उपरांत सार्वजनिक जीवन में आये और सन 1920 में विधान परिषद के सदस्य चुने गये सन 1930 मे विधान परिषद के उपाध्यक्ष रहे । स्वतंत्रता के बाद पं. जवाहरलाल नेहरू मंत्री मंडल में वित्तमंत्री बनाये गये । 1953 में इनका अल्पायु में देहावसन हुआ ।
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अकबर महान के प्रभाव से हेमू को इतिहासकार विस्मृत कर गये जो उन दिनों दिल्ली राज्य या हिंन्दुस्थान की गद्दी के लिए एक मात्र प्रतिद्वन्द्वी था । शेरशाहा की मृत्यु के बाद उनके वंशजो में उत्तीरधिकारी का युद्ध हुआ । मो. आदिल शाह दिल्ली का राजा बना । वह हेमू से बहुत प्रभावित था । कहा जाता है कि व्यापार के सिलसिले में हेमू यदाकदा मिला करता था । यद्यपि हेमू के बचपन के बारे में अधिक सूचनाये प्राप्त लहीं हैं किन्तु कनर्र्ल टाड ने राजस्थान के इतिहास में इसका उल्लेख किया है । उसके अनुसार हेमू का वास्तविक नाम हेंमचन्द्र था ।
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साहू ( सहा ) तेली समाज के विश्व विख्यात भौतिक शास्त्री प्रो. मेधनाथ साहा का जन्म 6 अक्टुबर 1893 को ढाका के शिव रतली ग्राम में हुआ था । वे सन 1916 में कलकत्ता विश्व विद्यालय में व्याख्यात नियुक्त हुए । वै सन 1923 में हलाहाबाद में प्रोफेसर पदस्थ हुये और सन 1938 तक सेवारत रहै ।
बिलासपुर - रविवार को साहू समाज के युवक- युवतियों ने जिवन साथी चयन करने परिचय सम्मेलन में अपना परिचय दिया । नाम, उम्र, योग्यता, माता - पिता का नाम, गोत्र का नाम व आपने जॉब के विषय में बताते हुए देश भर से आए युवक-युवतियों ने परिचय सम्मेलन में हिस्सा लिया । रिजन भी कार्यक्रम में शामिल होकर वर-वधु का चयन करने मे अपने बच्चों का सहयोग करने पहुंचे।