Sant Santaji Maharaj Jagnade
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साव तेली समाज मे आने वाले कुछ कुलनाम, कुळनाम, सरनेम ( आडनाव ) की जानकारी.
सावतेली समाजामध्ये आढळनारी काही आडनावे, सरनेम, कुळनाम ची माहिती.
१) सातपुते २) किरमे ३) घोगडे ४) बारसागढे ५) भुरसे ६) बोदलकर ७) चापळे ८) भांडेकर ९) कुकडकर १०) कुनघाडकर ११) सोनटके १२) देवरमले १३) दुधबडे १४) दुधबावरे १५) सोमनकर १६) लटारे १७) जुआरे १८) चलाख १९) बुरांडे २०) वासेकर २१) टिकले २२) वैरागडे २३) चिलांगे २४) खोबे २५) कोहळे
महाभारत के शांतिपर्व के वर्णन अनुसार, ऋषि जाजलि ने कठोर तप कर सिद्धि प्राप्त की, जिस पर उसे गर्व था । ऋषि के अहंकार से नाराज होकर उसके गुरू ने कह दिया कि वाराणसी का तेली समाज वैश्य तुलाधर संसार भर में धर्मात्मा, तपस्वी एवं तत्वदर्शी है । प्रतिस्पर्धी स्वभाव वस ऋषि जाजलि ने धर्मात्मा तुलाधर से भेंट कर पुछा कि अनेक प्रकार के तेलों एवंद्रव्यों का व्यापर करते हुए भी तुम्हें दार्शनिक अंतर्दृष्टि कैसे प्राप्त हुई । Dharmatma Teli Tuladhar
सर्वप्रथम 26 दिसंबर 1912 को बनारस फाटक मोहल्ले में समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ जो वर्तमान समय तक निरंतर सक्रिय है । देश के विभिन्न राज्यों में अभी तक 45 अखिल भारतीय महाधिवेशन हो चुके हैं । छत्तीसगढ का साहू समाज भी राष्ट्रीयता के मुख्य धारा में जडाने सदैव उत्साहित रहा है । इसी परिपेक्ष्य में संपूर्ण छत्तीसगढ मे वृहद स्तर पर सर्व प्रथम सन 1912 में गोकुलपुर बगीचा धमतरी में श्री जग रात देवान की प्रेरणा से अधिवेशन हुआ । Sahu Teli Samaj Organisation History
आगामी 29 अप्रैल 2017 अक्षय तृतिया को साहू तेली समाज सामूहिक आदर्श विवाह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन ग्राम -कहानी खास, जिला - सिवनी मध्य प्रदेश्ा में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन समिति द्वारा (वर एवं वधु ) प्रत्येक पक्ष हेतु 2100 रू.शुल्क निर्धारित किया गया है । अन्य सभी व्यवस्थायें समिति द्वारा की जावेंगी । आप सभी से विनम्र निवेदन है कि समाज हित में आयोजित होने वाले इस पुनीत आयोजन में अधिक से अधिक शादियां सम्पन्न हो सकें इस हेतु अपना सहयोग एवं आशीर्वाद अवश्य प्रदान करें । Sahu teli samaj Madhya Pradesh