Sant Santaji Maharaj Jagnade
श्री. संताजी बहुउद्देशिय सेवा मंडळ, भंडारा.
रजि नं. 9744/03/भंडारा
द्वारा आयोजित
तेली समाज सामुहिक विवाह सोहळा, भंडारा.
जानवसास्थळ : संताजी मंगल कार्यालय, भंडारा.
शनिवार दि. 7 मे 2016, स. 10.55 वा.
विवाह स्थळ : लाल बहाद्दुर शास्त्री (मन्रो) शाळा, शास्त्री चौक, भंडारा
Teli Samaj bhandara samudayik vivah sohala
घांची जाति का उदभव क्षत्रिय जाति से हुआ है इसलिये घांची समाज को क्षत्रिय घांची समाज के नाम से भी जाना जाता है इसके पीछे एक एतिहासिक कहानी है कि पाटण के राजा जयसिंह सिद्धराज सोलंकी के नवलखा बाग में रोज रात को देवलोक से परियां पुष्प चोरी करके ले जाती थी जिस पर पंडितों ने सलाह दी की देवलोक में बैंगन का पौधा अपवित्र माना जाता है इसलिये फुलों के पास में बैंगन का पौधा लगा देने से परियां पुष्प चोरी नहीं कर सकेगी।
संत संताजी अध्यासन - तेली समाज
संत शिरोमणि माँ कर्मा की आरती ![]()
||संत शिरोमणि माँ कर्मा की जय ||
ॐ जय कर्मा माता , ॐ जय कर्मा |
राम शाह घर जन्म लियो , सब जग है ध्याता || ॐ ||
संत शिरोमणि माँ कर्मा का जय घोष
तैलिक बंधु करे पुकार - माँ कर्मा की जय जयकार ।
जो दिव्य ज्ञान की दाता है - वे तो कर्मा माता है ।
माता जी उपकार करो - भक्ति का संचार करो ।
प्रेम एकता का संदेश - माँ कर्मा का है आदेश ।
जगन्नाथा में चढता भात - माँ कर्मा ने की शुरूआत ।
माँ कर्मा देवी आरती
जय कर्मा मइया कि जय कर्मा मइया । ![]()
निज जन को भवसागर से माँ पार करो नइया ॥ जय
जब - जब पीर पडी स्वजनों पर तुम दौडी आई ।
विपदा हरी तैलकारों की तुमने ही माई ॥ जय