Sant Santaji Maharaj Jagnade
पूर्वी आमच्या आजोबाच्या काळात आमचे आजोबा गावाच्या आजुबाजूच्या परिसरातील गावे, वाड्यांमधून सावकार म्हणून प्रसिद्ध होते. आजोबाच्या काळात सुमारे १२०० एकर शेती होती. सर्व शेती पावसावर अवलंबून होती. परंतु पूर्वी पावसाचे प्रमाण योग्य प्रमाणात असल्याने घरामध्ये धान्याच्या राशी लागत होत्या. आमचे घर म्हणजे १२ खण, ९६ पत्र्यांचा वाडा होता. इतक्या मोठे घर असून धान्य ठेवायला जागा पुरत नव्हती, म्हणून सुमारे १५० पोती ज्वारी तळघरात साठवून ठेवावी लागत असे.
![]()
राजिम भक्ति माता की संपूर्ण मानव समाज के कल्याण के लिए राजा जगतपाल को भगवान राजीम लोचन की सिद्ध मूर्ति सौंपी. राजा ने मंदिर निर्माण कर सी मूर्ति की स्थापना की. तभी से राजिम भक्ति तेलीन माता की ख्याती सामाजिक जन्म लिया करते थी. उस समय से ही पवित्र संगम के रूप में बैठकर सामाजिक जन नायक करती थें. उसे सर्वोच्चता का सम्मान प्राप्त था. भक्तिन मंदिर समिति आज वर्तमान में पंजीकृत सामाजिक संस्था है. इस पंजीयन 15 जून 1978 को भेपालसे हुआ. इसका कार्य क्षेत्र संपूर्ण भारत है. समिति संस्थापक अध्यक्ष प्रो. दीनदयाल साहु सचिव बाबूलाल साहू युवा कोषाध्यक्ष धनेंद्र साहू थे.
संत संताजी अध्यासन - तेली समाज
रायपुर - प्रदेश साहू संघ की युवा प्रकोष्ठ नया रायपुर की 16 सड़क और 32 चौक-चौराहों कि प्रस्तावित नामकरण से पहले चौराहों और सड़कों को माता कर्मा का नाम देने की मांग उठाई है. प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष साहू ने कहा कि नया रायपुर की कुछ सड़को और चौराहों को समाज के आराध्य माता कर्मा दानवीर भामाशाह और राजीव माता का नाम देते हुए उनकी प्रतिमा वहां स्थापित की जाए.
रायपुर छत्तीसगढ़ हरदिहा साहू समाज रायपुर परी क्षेत्र की 9 मार्च की बैठक रविवार को समाज के रायपुर समाज भवन में समाज के अध्यक्ष को पूर्व विधायक नंदकुमार साहू के मार्गदर्शन में हुई. बैठक को संबोधित करते हुए समाज अध्यक्ष नंद साहू ने कहा समाज की महिलाओं की जागृति से मंदिरा पार्क की समस्या में कमी आई है. जिससे परिवार में झगड़े कम हो रहे हैं. हम सबको मिलकर मजरा पार्क के खिलाफ सतत प्रयास करना होगा.