Sant Santaji Maharaj Jagnade
सतयुग की बात है, भगवान शंकर माता उमा सहित कैलाश पर्वत में निवास करते थे। माता उमा की सखियां उनका उपहास उड़ाया करती थीं कि इतने बड़े देव की पत्नी और रहने के लिए घर नहीं है, जो तुम्हारी निजता के लिए अति आवश्यक है। माता उमा ने अपनी सखियों से हुई सारी बातों को शंकर जी को बताया तो शंकर जी ने विशाल महल बनवा दिया ।
अंतरराष्ट्रीय तेली दिवसक्या आप जानते हैं कि हिंदुओं के 'प्रथम पूज्य श्रीगणेश के पुनर्जीवित होने की धार्मिक कथा से तेली जाति के उदभव की कहानी जुड़ी है ? पौराणिक कथाओं में गणेश जी के पुनर्जीवित होने के बाद कहानी का समापन हो जाता है। किंतु, तेली समाज के विद्वान पुरखों ने इस कहानी को वर्षों पहले आगे बढ़ाया है। जो अभी ज्यादा प्रचारित नहीं है। इस दंतकथा में उस व्यापारी को न्याय दिलाते हैं,
महाराष्ट्र प्रांतिक तैलिक महासभे अंतर्गत श्री संताजी मंडळ, नाशिक व श्री संताजी महाराज नागरी सहकारी पतसंस्था, नाशिक संयुक्त विद्यमाने आयोजित करण्यात आलेला आहे. समाज भूषण श्री. चंद्रशेखरजी बावनकुळे साहेब खासदार श्री. रामदासजी तडस साहेब याचा भव्य नागरी सत्कार आयाेजित करण्यात आलेला आहे.
४५१ विद्यार्थ्यांचा गुणगौरवधुळे - खान्देश तेली समाज मंडळ व प्रदेश तेली महासंघ यांच्या संयुक्त विद्यमाने रविवार दिनांक २८ रोजी कल्याणी लॉन्स, नकाने गाव या ठिकाणी तेली समाजातील विद्यार्थ्यांचा गुणगौरव सोहळा संपन्न झाला. या सोहळ्याच्या अध्यक्षस्थानी प्रदेश तेली महासंघाचे प्रदेशाध्यक्ष मा. श्री विजय भाऊ चौधरी उपस्थित होते तर प्रमुख अतिथी म्हणून माजी मंत्री जयदत्त आण्णा क्षीरसागर, माजी केंद्रीय मंत्री खा. सुभाष भामरे, महापौर प्रदीप कर्पे, मा. आमदार शिरीष दादा चौधरी
भोपाल । भोपाल के बरखेड़ी स्थित धर्मशाला में राधा कृष्ण साहू समाज समिति द्वारा वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया । बैठक की अध्यक्षता श्री डालचंद साहू ने की । उपस्थित सजातीय बंधुओं ने उन्हीं के नेतृत्व में विद्यार्थियों को समारोह पूर्वक सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अपनी भावी पीढी का सम्मान करना हमारे लिए गर्व का विषय है ।