Sant Santaji Maharaj Jagnade
पूर्वी आमच्या आजोबाच्या काळात आमचे आजोबा गावाच्या आजुबाजूच्या परिसरातील गावे, वाड्यांमधून सावकार म्हणून प्रसिद्ध होते. आजोबाच्या काळात सुमारे १२०० एकर शेती होती. सर्व शेती पावसावर अवलंबून होती. परंतु पूर्वी पावसाचे प्रमाण योग्य प्रमाणात असल्याने घरामध्ये धान्याच्या राशी लागत होत्या. आमचे घर म्हणजे १२ खण, ९६ पत्र्यांचा वाडा होता. इतक्या मोठे घर असून धान्य ठेवायला जागा पुरत नव्हती, म्हणून सुमारे १५० पोती ज्वारी तळघरात साठवून ठेवावी लागत असे.
रायपुर छत्तीसगढ़ हरदिहा साहू समाज रायपुर परी क्षेत्र की 9 मार्च की बैठक रविवार को समाज के रायपुर समाज भवन में समाज के अध्यक्ष को पूर्व विधायक नंदकुमार साहू के मार्गदर्शन में हुई. बैठक को संबोधित करते हुए समाज अध्यक्ष नंद साहू ने कहा समाज की महिलाओं की जागृति से मंदिरा पार्क की समस्या में कमी आई है. जिससे परिवार में झगड़े कम हो रहे हैं. हम सबको मिलकर मजरा पार्क के खिलाफ सतत प्रयास करना होगा.
माँ कर्माबाई का जीवन परिचय, Maa Karma Devi Jivan Parichay साहू तेली समाज की आराध्य देवी ![]()
जन्म:- पाप मोचनी एकादशी संवत् 1073 सन् 1017ई0 माँ कर्मा आराध्य हमारी, भक्त शिरोमणी मंगलकारी। सेवा, त्याग, भक्ति उद्धारे, जन-जन में माँ अवतारे।।
परम् आराध्य साध्वी भक्ति शिरोमणी माॅ कर्माबाई देश-विदेश में आवासित करोड़ो-करोड़ो सर्व साहू तेली समाज की आराध्य देवी कर्माबाई की गौरव गाथा जन-जन के मानस में श्रद्धा भक्ति के भाव से विगत हजारों वर्षो से अंकित चली आ रही है। इतिहास के पन्नों पर उनकी पावन गाथा तथा उसने सम्बन्धित लोकगीत किंवदतिया और आख्यान इस बात के प्रमाण है कि माॅ कर्मबाई कोई काल्पनिक पात्र नहीं है। माॅ कर्माबाई का जन्म उत्तर प्रदेश के झांसी नगर में चैत्र कृष्ण पक्ष के पाप मोेचनी एकादशी संवत् 1073 सन् 1017ई0 को प्रसिद्ध तेल व्यापारी श्री राम साहू जी के घर में हुआ था।
Some Other link of Maa Karma devi
रायगड जिल्हा कोकणस्थ तेली समाज सेवा संस्था हि रजि.
४० वर्षा पूर्वीची असुन त्यात सर्व कोकणस्थ तेली बांधव आहेत .(रायगड जिल्हा पुर्ति मर्यादित नसून सर्व कोकणस्थ तेली बांधवसाठी आहे),
जालौन । दिनाँक 09/05/16 को साहू समाज समिति जालौन द्वारा सामूहिक विवाह एवं छात्र-छात्रा अभिन्नदन समारोह आयोजित किया गया । जिसमें मुख्यअतिथि कैलाश साहू पूर्व विधायक झाँसी /प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश तैलिक साहू महासभा थे ।