Sant Santaji Maharaj Jagnade
राजस्थान अंचल के हमीरपुर जिलान्तर्गत प्रमुख नग महोबा में धनीराम नामक व्यक्ति तेली समाज के ही थे । कवि जगनिक कृत आल्हखणड (आल्हा) में इसका उल्लेख है । वह आत्याधिक शक्तिशाली था, ही शस्त्र विद्या में निपुण था । बचपन से ही कुश्ची में अजेय योगद्धा रहा, परिणाम स्वरूप राजा ने पने प्रिय पुत्र का प्रमुख अंगरक्षक बना दिया । अंगरक्षक के रूप में धनीराम ने अपने प्राण की परवाह किए बिना स्वामी की रक्षा की । जान बचाई ।
9 वी सदी मे दक्षिण कोशल में तैलप एवं चालुक्य एवं कल्चुरी वंश ऐसा माना जाता है कि परमार वंशीय राजा मुंज के साथ तैलपो का अनेक बार युद्ध हुआ । जिसमें 6 वी बार राजा मंजु तैतलों से पराजित हुआ । तैलयो की संभवतया कलचुरियों का साथ दिया था । जिनका उल्लेख किया जाता है । कि वे कोकल्य द्वितीय के पुत्र गांगेयदेव तेलांगान हुए जिसे ही आक्रोश अथवा विरोधवशं गंगूतेली कहा गया है ।
संत संताजी अध्यासन - तेली समाज
बिलासपुर - वर्तमान समय में जीवनसाथी का चुनाव बहुत ही कठिन कार्य है । योग्य युवक - युवती का चयन करने के लिए परिचय सम्मेलन बहुत अच्छा माध्यम है । इससे समाज के अंदर ही योग्य वर - वधु का चयन किया जा सकता है । साथ ही साथ समय भी बचता है । साहू समाज ने युक - युवतियो के लिए परिचय समम्मेलन करते हुए बेहतर कार्य किया है । ऐसे आयोजन हमेशा होते रहना चाहिए ।
दुर्ग - जिला साहू संघ के सामाजिक सम्मेलन में रविवार को जीवनसाथी की तलाश में विवाह योग्य 1218 युवक-युवतियों ने अपना परिचय रखा । विवाह योग्य युवक युवतियों को पंजीयन के आधार पर मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां युवक व युवतियों ने अपने पालकों के नाम के साथआपनी शिक्षा और योग्यता की जानकारी रखी । सम्मेलन में सांसद ताम्रध्वज साहू भी अतिथि के रूप में शामिल हुए ।
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नीमच, मध्यप्रदेश :- दिनों सकल तेली समाज जिला नीम द्वारा माँ कर्मा बाई जयंती महोत्सव मनाया गया । बारादरी पर सभी एकत्रित हुए । दोघोडे कलश व आरती की बोली लगाई गई । भव्य ऐतिहासिक जुलूस की शुरूआत बारादरी से बैंड बाजे, ढोल, नाच गाने के साथ हुई । बारादरी से नया बाजार, घंटाघर, पुस्तक बाजार, विजय टॉकिज होते हुए अंत में टाउनहाल पर माँ कर्माबाई की विशाल आरती के साथ जुलूस का समापन हुआ ।