Sant Santaji Maharaj Jagnade
देवी सिंह राठौर अध्यक्ष राज्य ईकाई, इन्दौर (म.प्र.) राष्ट्रीय तैलिक साहू राठौर चेतना महासंघ
अपना तैलिक समाज देश के हर क्षेत्र में फैला एक विशाल समाज है परन्तु सम्पर्क के अभाव में यह अलग-अलग समूहों में बटा हुआ है। समाज के कुछ पुराने पंथियों ने भी अपनी हठधर्मिता बनाये रखने के कारण इसे अपने तक ही सीमित रखा और उसका उपयोग अपने हित में किया। वर्तमान बदलते युग में जब दुनियां ही आस-पास लगने लगी है तो हमें अपने समाज को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाने के लिए एक जुट होना होगा।
बिहार प्रदेश तैलिक साहू सभा के अभिनंदन समारोह का आयोजन
प्रदेश अध्यक्ष रणविजय साहू ने बिहार प्रदेश तैलिक साहू सभा के अभिनंदन समारोह में कहा कि पूरे प्रदेश में हमारी जाति की आबादी 7% है, हम दानवीर भामाशाह के वजह है, हमारे खून में सेवा भाव है, परन्तु राजनैतिक साजिश के तहत इस जात को मुख्य धारा से अलग रखने का काम किया गया है।
दानवीर भामाशाह के वंशज साहू बंधुओं का अपना एक गौरवशाली इतिहास है। कठोर परिश्रम से धन अर्जित करना और इस धन का मितव्ययता के साथ सदुपयोग करना इस समाज की खास पहचान है। इतिहास साक्षी है,जब-जब राष्ट्र मान और आत्मसम्मान को लेकर कोई विषम परिस्थिति निर्मित हुई है तब-तब साहू समाज ने अग्रणी भूमिका निभाकर सर्वसमाज कल्याण का रास्ता दिखाया है।
- डॉ० सोमनाथ साहू, रायपुर (छत्तीसगढ़)
सबसे पहले हम ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि इन्होंने हमें अच्छे स्वास्थ्य एवं समाज के हित के लिये चिंतन और अवसर प्रदान किया। अपने समाज एवं संगठन का इतिहास रखने से अपनी पहचान बनी रहती है। समाज के लोगों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जागरण पर विचार कर समाज
आर. पी. साहू. दिल्ली प्रदेशअध्यक्ष राष्ट्रीय तैलिक साहू राठौर चेतना महासंघ
आज साहू राठौर समाज के सम्मुख सर्वांगीण विकास की कठोरतम चुनौती है। जैसा कि जग जाहिर है कि सभी विकास के तालों की एक कुंजी है और वह है राजनैतिक विकास एवं सामाजिक प्रतिष्ठा। राजनैतिक विकास के बारे में सभी पूर्णतयः जानते हैं, अतः इस पर बात बाद में करेंगे पहले सामाजिक प्रतिष्ठा की बात करते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा से यहाँ व्यक्तिगत रूप से समाज में प्रतिष्ठा का आशय नहीं है।